कार सेवकों ने बताया 1990, 92 में जोश का पर्याय बन गए थे श्रीराम के नारे

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न्याय परिक्रमा न्यूज़ (गुरुग्राम) चंडीगढ़

जब हर दिल में हिलोरे मार रहा था ‘मंदिर वहीं बनवाएंगे’ का संकल्प

चंडीगढ़/ गुरुग्राम, (अच्छेलाल), 18 जनवरी। वर्ष 1990 में अध्योध्या कूच के दौरान कार सेवकों में जोश भरने वाले हरबंस गांधी बेशक शारीरिक रूप से अब बुजुर्ग हैं लेकिन आंदोलन की यादेें उनके जहन में यथावत हैं। वह कहते हैं रामभक्तों ने मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के क्रम मंे बेइंतहा जुल्म सहे हैं। लेकिन सभी के मन में ‘राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनवाएंगे’ का संकल्प हमेशा हिलोरे मारता रहा है।
अयोध्या कूच की यादें दोहराते हुए वह भावुक हो जाते हैं। स्वयं को संभालकर कहते हैं, ‘राम हमारी आत्मा का विषय है लेकिन कुछ सियासतदानों ने अपने वोटर्स को खुश करने के लिए रामभक्तों पर गोलियां बरसाई। इन्हें इतिहास कभी माफ नहीं करेगा।’ 75 वर्षीय कार सेवक सोहन लाल गोगिया ने कहा कि राजनीतिक षडयंत्रों के कारण रामलला को अपने ही घर में वर्षों टेंट में रहना पड़ा। वह कहते हैं कि अब समय बदल गया है भारत विश्व की धार्मिक राजधानी भी बनने जा रहा है। सम्मान कार्यक्रम के तीसरे चरण में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्यों ने कार सेवकों के घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। दल के सदस्यों ने कार सेवकों के योगदान को खूब सराहा तथा उनके नाती-पोतों को उनके प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी। इस दौरान अशोक शर्मा, विजय जैन, बाबू राम गुप्ता के साथ-साथ स्वर्गीय सहजराम कटारिया व ईश्वर दयाल गुप्ता के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। कार सेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए दल का नेतृत्व कर रहे शिक्षाविद डाॅक्टर अशोक दिवाकर ने कहा कि जीवन को जोखिम में डालकर कार सेवकों ने प्रयास नहीं किए होते तो आज सदियों पुराना सपना साकार नहीं हो रहा होता। उन्होंने आहवान किया कि जीवन में पहली बार ऐसा मौका आया है जब रामलला अपने साकार रूप में अपने धाम में विराजमान हो रहे हैं इसलिए इस दिन को दीवाली जितना ही भव्य तरीके से मनाया जाना चाहिए। आरएसएस के महानगर कार्यवाह जगदीश जी ने कहा, ‘हम सभी धन्य भागी हैं जो हमारे जीवन काल में राम मंदिर का सपना साकार हो रहा है।’ विभाग प्रचार प्रमुख अनिल कश्यप ने कार सेवकों को श्रीराम जी की सेना के परम योद्धा बताते हुए गुरुग्राम जिले के कार सेवकों से जुड़ी यादें साझा की। इस मौके पर आरएसएस के प्रांत सह सेवा प्रमुख हरीश जी, विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र तंवर व प्रवीण त्यागी, सुशील सौदा, पूर्व पार्षद शशि दुआ व कपिल दुआ भी सहित काफी लोग मौजूद रहे।

मंगलमुखी समाज के लोगों को दिया न्यौता

22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्यौता देने दल के सदस्य मंगलमुखी (किन्नर) समाज की गद्दी पर भी पहुंचें। इन्होंने समाजहित से जुड़े कार्य में किन्नरों के प्रयास की सराहना की तथा इनकी राम के प्रति आस्था को अतुलनीय बताया। किन्नर समाज के लोगों ने बताया कि जहां भी आयोजन में शरीक होने जाते हैं वहां के लोगों को 22 जनवरी का दिन महापर्व के तौर पर मनाने का आहवान कर रहे हैं।

ब्यूरों रिपोर्टः मिलन बहोत/संजीव कुमार/अच्छे लाल (चंडीगढ़)

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