कैंसर इलाज़ में हटाए गए हिस्से का सफल रीकन्स्ट्रक्शन संभव

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न्याय परिक्रमा न्यूज़ चंडीगढ़

चंडीगढ़, (अच्छेलाल) कैंसर के उपचार के दौरान सर्जिक्ली हटाए गए शरीर के अंगों का रीकंस्ट्रक्शन करना अब संभव है। प्लास्टिक व ऑन्को सर्जन मिल कर उसी समय मिसिंग अंग का पुनर्निर्माण कर सकते है।“
पारस हेल्थ पंचकूला में प्लास्टिक सर्जरी के डायरेक्टर डॉ रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि हालांकि कैंसर की सर्जरी का प्राथमिक उद्देश्य प्रभावित हिस्से को पूरी तरह से हटाना है, लेकिन इससे अक्सर पेशेंट की अपीयरेंस प्रभावित होती है। यह सिर, गर्दन और चेहरे जैसे एक्सपोज्ड बॉडी पार्ट्स लिए विशेष रूप से सच है।
डॉ रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि इसी तरह ब्रेस्ट कैंसर मरीज पर कैंसर दोहरी मार डालता है। ऐसे मामलों में कैंसर के उपचार का मतलब ब्रेस्ट का कुछ हिस्सा या पूरा हिस्सा हटाना पड़ सकता है। इससे फीमेल मानसिकता को बड़ा आघात पहुँचता है। जब प्लास्टिक सर्जन अब ऑन्को सर्जन के साथ मिल कर उसी समय मिसिंग ब्रेस्ट का पुनर्निर्माण कर सकते है ए जिससे फेमनिनटी (स्त्रीत्व) को कोई नुकसान नहीं होता है।
ब्रेस्ट का पुनर्निर्माण या तो ब्रेस्ट हटाने के साथ ही किया जा सकता है या कुछ हफ्तों के अंतराल के बाद इसका पुनर्निर्माण किया जा सकता है। इसे या तो रोगी के स्वयं के टिशू का उपयोग करके या बायोकम्पैटिबल ब्रेस्ट इम्प्लांट लगाकर प्राप्त किया जा सकता है।
डॉ रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि सिर और गर्दन के कैंसर में चेहरे की कॉस्मेटिक अपीयरेंस में भी सुधार करना संभव है। यहां फिर से हम ऑटोजीनस टिशू और इम्प्लांट दोनों का उपयोग करते हैं।
ऑन्को सर्जन सर्जरी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ राजन साहू ने इस बात पर जोर दिया कि कैंसर सर्जरी में एक साथ रीकंस्ट्रक्शन कैंसर के इलाज से समझौता नहीं करता है। वास्तव में यह ऑन्को सर्जन को बीमारी को खत्म करने में अधिक रैडिकल बनने में मदद करता है। उन्होंने यह भी कहा कि कैंसर रोगियों में फंक्शन और अपीयरेंस की बहाली कैंसर से छुटकारा पाने जितनी ही महत्वपूर्ण है।

ब्यूरों रिपोर्टः कुमार योगेश / अच्छे लाल (चंडीगढ़)

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