क्या हादसे का इंतजार कर रही थी पुलिस ?

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न्याय परिक्रमा न्यूज़ सहारनपुर

सहारनपुर: जिले में नो एंट्री का समय प्रशासन द्वारा तय किया गया है। बावजूद इसके आप दिन में कई जगह भारी वाहनों की आवाजाही देख सकते हैं। जिनके कारण काफी बार बड़े हादसे हुए हैं। कई लोग ऐसे प्रकरण में अपनी जान गवां चुके हैं। परंतु उसके बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कड़ा कदम नहीं उठाया जाता फल स्वरुप कुछ समय पश्चात ही दूसरे हादसे से रु ब रु होना पड़ता है। क्या कभी किसी ने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? तो हम आपको बताते हैं प्रशासन की लापरवाही के चलते इन हादसों को दावत दी जाती है। ऐसा ही एक मामला कल चिलकाना रोड मंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आया है। जिसमें एक बुजुर्ग महिला की ट्रक से कुचल जाने के पश्चात मौत हो गई। एक तरफ नो एंट्री दूसरी तरफ ईद जैसे बड़े त्यौहार को मध्य नजर रखते हुए क्या बड़े वाहनों की एंट्री को अनदेखा नहीं किया गया था? परंतु जैसे ही कल शाम यह हादसा हुआ उसके बाद से ही मंडी पुलिस नींद से जाग गई तथा बेरीकेट लगाकर नो एंट्री की कार्रवाई बड़े वाहनों के लिए शुरू कर दी जिसका असर आज सुबह तक भी देखने को मिल रहा है। परंतु बड़ा सवाल यह है की क्या थाना मंडी पुलिस ऐसे हादसो का इंतजार कर रही थी? क्यों इससे पूर्व ही नो एंट्री के समय को ध्यान में नहीं रखा गया? शहर के सभी चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त पुलिस प्रशासन तैनात रहता है। इसके बावजूद भी बड़े वाहनों की एंट्री नो एंट्री के समय में किसकी शय पर कराई जाती है? क्या जिन चौराहों से निकलकर ऐसे बड़े वाहन किसी घटना को अंजाम देते हैं उन चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मियों पर कभी कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं यह एक बड़ा सवाल है। जब कभी कोई ऐसा हादसा होता है तब कुछ दिनों तक उसे याद रखा जाता है। परंतु ऐसे हादसों से कभी भी प्रशासन कोई सीख नहीं लेता जिसके कारण ऐसे हादसे समय दर समय देखने को मिलते हैं। यदि पुलिस द्वारा ऐसे मामलों का गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया गया तो भविष्य में भी इसी प्रकार की गंभीर घटनाओं का घटा जाना एक सामान्य बात होगी। चिलकाना रोड के हालात इतनी ज्यादा खराब है जिनका सुधार पाना अत्यंत मुश्किल दिखाई पड़ता है। दिन प्रतिदिन चिलकाना रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या से आम जनता परेशान रहती है। कई बार उच्च अधिकारियों को इस प्रकार की सूचनाएं भी दी जाती हैं पर अधिकारियों के आदेश को दरकिनार करके ऐसे भारी वाहनों को नो एंट्री में एंट्री कराई जाती है जिसका भुगतान आम जनता को जान गंवाकर करना पड़ता है।

ब्यूरों रिपोर्टः मोनू कुमार /योगेश कुमार(सहारनपुर)

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