रेणुका के सितार की स्वर लहरियों ने मोहा दर्शकों का मन

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चंडीगढ़, (अच्छेलाल), प्राचीन कला केन्द्र द्वारा हर माह आयोजित की जाने वाली मासिक बैठकों की 294वीं कड़ी में आज हिसार से आई रेणुका गंभीर द्वारा सितार वादन पेश किया गया । इस कार्यक्रम का आयोजन केंद्र के संगीतिक परिवार में जन्मी रेणुका हिसार के पीजी कालेज से रिटार्यड प्रोफैसर है । ऑल इंडिया रेडियो की ऐ ग्रेड कलाकर उस्ताद विलायत खां साहिब के इमदादखानी घराने से सम्बन्धित है। इन्होंने अपने पिता प्रो.ओम प्रकाश से सितार वादन की शिक्षा प्राप्त की । इसके उपरांत गुरु वीरेंदर कुमार और जाने माने सितार वादक पंडित हरविंदर शर्मा के शिष्यत्व में सितार वादन की बारीकियां सीखीं । इन्होंने बाबा हरवल्लभ सम्मेलन में लगातार सात बार स्वर्ण मेडल प्राप्त किया । डॉ.रेणुका गंभीर ने शिमला विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है । विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा बिखेर चुकी रेणुका एक सधी हुई कलाकार है । आज के कार्यक्रम में रेणुका ने राग सरस्वती से कार्यक्रम की शुरूआत की । इसके उपरांत आलाप से शुरू करके जोड़ झाला का खूबसूरत प्रदर्शन किया । इसके पश्चात एक ताल से सजी विलम्बित गत पेश की । सितार पर खूबसूरत धुनों का प्रदर्शन करती रेणुका की उंगलियों के जादू से दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए । इसके उपरांत द्रुत ताल में निबद्ध मध्य लय तीन ताल में मधुर गतें प्रस्तुत की । कार्यक्रम का अंत इन्होंने तेज गति के द्रुत झाले से किया। इनके साथ प्रतिभाशाली तबलावादक डॉ.नितिन शर्मा ने बखूबी संगत की । कार्यक्रम के अंत में केन्द्र की रजिस्ट्रार डॉ.शोभा कौसर, सचिव श्री सजल कौसर एवं श्रीमती मीरा मदान ने कलाकारों को सम्मानित किया।

ब्यूरों रिपोर्टः कुमार योगेश/ अच्छे लाल/संजीव कुमार(चंडीगढ)

👆 न्याय परिक्रमा यूट्यूब चैनल पर देखिये पूरा वीडियो।

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