मोतियाबिंद का शीघ्र पता लगाने के लिए आंखों की नियमित जांच जरूरी: डॉ कशिश गुप्ता

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न्याय परिक्रमा न्यूज़ बठिंडा

बठिंडा, (अच्छेलाल), मोतियाबिंद आंखों की एक सामान्य स्थिति है, जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है, दृष्टि धुंधली कर देती है और दैनिक गतिविधियों में बाधा डालती है। आंखों के स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बनाए रखने के लिए कारणों, लक्षणों और उपलब्ध उपचारों को समझना महत्वपूर्ण है।मोतियाबिंद के कारण के बारे में बात करते हुए मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, बठिंडा के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ कशिश गुप्ता ने कहा कि मोतियाबिंद तब विकसित होता है जब आंख का लेंस धुंधला हो जाता है, जो अक्सर उम्र बढ़ने या अन्य कारकों जैसे मधुमेह, धूम्रपान या सूरज की रोशनी के लंबे समय तक संपर्क के कारण होता है। समय के साथ, लेंस में मौजूद प्रोटीन टूटने लगते हैं जिससे दृष्टि हानि होती है।मोतियाबिंद के लक्षणों के बारे में बात करते हुए डॉ कशिश गुप्ता ने कहा कि मोतियाबिंद के मुख्य लक्षण धुंधली दृष्टि, रात में देखने में कठिनाई, प्रकाश और चमक के प्रति संवेदनशीलता, रंगों का फीका पड़ना या पीला पड़ना या एक आंख से धुंधली छाया दिखना हैं।मोतियाबिंद के इलाज के बारे में बात करते हुए डॉण् कशिश ने कहा कि स्पष्ट दृष्टि बहाल करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए मोतियाबिंद सर्जरी सबसे प्रभावी उपचार है। प्रक्रिया के दौरान, लेंस की सफेद कोटिंग को हटा दिया जाता है और उसके स्थान पर एक कृत्रिम लेंस लगाया जाता है जिसे इंट्राऑकुलर लेंस (आईओएल) कहा जाता है। यह आउट पेशेंट सर्जरी अत्यधिक सफल है ।डॉ कशिश ने मोतियाबिंद का शीघ्र पता लगाने के लिए नियमित आंखों की जांच के महत्व पर भी जोर दिया।

ब्यूरों रिपोर्टः कुमार योगेश/अच्छे लाल(बठिंडा)

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