कलश बेदी, नवग्रह मंडल, सर्वतोभद्र मंडल से हुई अष्टमी और नवमी पूजा

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न्याय परिक्रमा न्यूज़ चंडीगढ

पंचकूला, (अच्छेलाल), मां के सभी नौ स्वरूपों और दसों महाविद्याओं का पूजन नवरात्रि पर रामगढ़ में मौर ठीकरी स्थित साईं मंदिर में किया गया। नौ दिवसीय पूजन उत्सव के लिए पुरोहित शंकराचार्य ने खास सर्वतोभद्र मंडल, कलश बेदी, नवग्रह मंडल और अष्टचक्र दल बनाया गया। आखिरी दिन अष्टमी और नवमी की संध्या बेला पर हवन यज्ञ के साथ पूजा अर्चना समपन्न हुई। पुरोहित शंकराचार्य ने बताया, अकसर यह सुनने को मिलता है कि हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं। पर वास्तव में 33 कोटि के देवी-देवताओं है। इन सभी देवी देवताओं का ही सर्वतोभद्र मंडल है। किसी भी पूजा में मंडल बनाकर पूजन करने से सभी देव आैर देवियों की पूजा एकसाथ हो जाती है। इसलिए मंडल के अलावा यज्ञ कुंड को मंडल की शेप में बनाया। उसमे अष्टचक्र दल, ओम, स्वस्तिक, नव ग्रह के चिन्हों और नौ देवियों का कलश बेदी स्थापित कर भोग लगाया। और फिर यज्ञ कुंड में अष्टमी-नवमी पूजा की गई। 108 बार मंत्रोचारण से मां काली, दुर्गा, श्री हरि, गणेश और समस्त ग्रहों की स्तुति की। और आखिर में आरती कर भोग प्रसाद बांटा गया।

ब्यूरों रिपोर्टः कुमार योगेश/ अच्छे लाल/संजीव कुमार(चंडीगढ)

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