निरंकारियों ने बाबा गुरुबचन सिंह जी की याद में मनाया मानव एकता दिवस

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न्याय परिक्रमा न्यूज़ सहारनपुर

मानव एकता दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते सेवादल क्षेत्रीये संचालक रजनीश कुमार जी

युगों युगों तक लोग सत्गुरु बाबा गुरुबचन सिंह जी महाराज की शिक्षाओं को याद करेंगे/गुलशन लूथरा

सहारनपुर। मानवता के लिऐ जिन्होने अपना जीवन बलिदान कर दिया ऐसे युगप्रवर्तक बाबा गुरुबचन सिंह जी महाराज की याद में मानव एकता दिवस पूरे विश्वभर में मनाया जा रहा है। ये उदगार आज सहारनपुर में देहरादून रोड़ स्थित निरंकारी सत्संग भवन पर मानव एकता दिवस के रूप में आयोजित सन्त समागम में पहुंचे ज्ञान प्रचारक महात्मा गुलशन कुमार लूथरा ने व्यक्त किए।

उन्होंने कहा की बाबा गुरुबचन सिंह जी महाराज का जन्म 1930 को बाबा अवतार सिंह जी महाराज व माता बुधवंती जी के घर हुआ। कोन जानता था की ये नन्हा बालक आने वाले समय का सत्गुरु रूप में प्रगट हो कर मानव का कल्याण करेगा और युगों युगों तक लोग उनकी शिक्षाओं को याद करेंगे।

उन्होंने निरंकारी मिशन का इतिहास दोहराते हुए बताया की 1978 में किस तरह से मिशन के सेवादारों ने आपनी गुरू भक्ति को निभाया और विपरीत परिस्थितियों में भी निरंकार सदगुरू के विश्वास को अपनी ढाल बना कर अपना जीवन समर्पित किया ।

संयोजक हरबंश लाल जुनेजा ने कहा की , हमारा मिशन ऐसे दौर से निकल कर आया हैं जिसमें तुच्छ बुद्धि के लोग जुल्म जयदती करने पर उतारू हो गए थे।

मानव एकता दिवस पर साध संगत को संबोधित करते ज्ञान प्रचारक महात्मा गुलशन कुमार लूथरा जी

और अपने मकसद में कामयाब होने के लिए बाबा गुरुबचन सिंह जी महाराज से आशीर्वाद लिया और अपने काम में सफ़ल हुए क्योंकि ये वही लोग थे जो सेवादार के रुप में आए थे और निरंकारी कालोनी में बाबा गुरुबचन सिंह जी महाराज की 24 अप्रैल 1980 को गोली मारकर हत्या कर दी उन्हीं के साथ अनथक सेवादार चाचा प्रताप सिंह जी को भी शहिद कर दिया था ।

और इसके पश्चात मिशन की बागड़ोर बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने संभाली तभी से मिशन में रक्तदान शिविर के आयोजन किए जानें लगे क्योंकि बाबा हरदेव सिंह जी महाराज से निरंकारी मिशन के नौजवानों ने हत्या करने वालो की ईंट से ईंट बजाने की बात कहीं और इतना उत्तेजित हो गए थे की कुछ भी कर गुजरने को तैयार थे ।

मानव एकता दिवस पर भजन प्रस्तुत करते साध संगत के महात्मा

लेकिन बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने उन्हें शान्त करते हुए कहा की हम खून का बदला जरूर लेंगे लेकिन रक्त नालियों में बहा कर नहीं किसी का कत्ल करके नही बल्कि रक्त नाडियो में बाहाना हैं किसी की जान अपना रक्तदान करके बचानी हैं ये बात सुनकर सभी उत्तेजित नौजवान शान्त हो गए और आज निरंकारी मिशन देश विदेश में फैलने लगा।

मानव एकता दिवस पर अपने विचार प्रकट करते संयोजक महात्मा हरबंस लाल जुनेजा जी

रजनीश कुमार सेवादल क्षेत्रीये संचालक ने कहा की मिशन के उस दौर में सहारनपुर के तत्कालीन जोनल इंचार्ज पिता बलवंत सिंह जी, संचालक सतपाल सर्राफ जी, भाई साहब शेर सिंह जी व अन्य महात्माओं ने उस समय मिशन के लिए अपना योगदान दिया था और भाग्यशाली हैं हम सभी जो आज सब सुख सुविधाओं के बीच सत्संग कर पा रहें हैं।

उन्होंने कहा की हमे बाबा गुरुबचन सिंह जी महाराज के बलिदान को हमेशा याद रखना हैं उनकी शिक्षाओं को याद रखना हैं और इस मिशन को जन जन तक पहुंचना हैं।

इस अवसर पर बहन दर्शना चौहान ,महेन्द्र कौर , मोनू कुमार, डां0 पतराम, हरीश, सुखमीत सचदेवा, अविका जोरावर, वीना चावला, संतुष्ट निरंकारी ने भी अपने भाव व्यक्त किए ।

कार्यक्रम में राकेश चौहान, तरुण कुमार, संजीव भण्डारी, योगेश कुमार, मोहित गगनेजा, व सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहें। मंच का संचालक प्रेम गुलाटी ने किया।

ब्यूरों रिपोर्टः मोनू कुमार / कुमार योगेश(सहारनपुर)

👆 न्याय परिक्रमा यूट्यूब चैनल पर देखिये पूरा वीडियो।

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