सैंट मैरी एकेडमी में कार्यशाला में बच्चों को दिया आग से बचाव का प्रशिक्षण

author
0 minutes, 4 seconds Read
Spread the love

न्याय परिक्रमा न्यूज़ सहारनपुर

बडे़ भवनों व स्कूलों में अग्निशमन सुरक्षा यंत्र लगाना जरूरी… प्रताप (मुख्य अग्निशमन अधिकारी)

अग्निशमन विभाग के सहयोग से प्रत्येक स्कूल में बच्चों को आग के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता…सुरेन्द्र चौहान

छात्रों के जीवन में जागरूकता कार्यशाला बेहद उपयोगी…सिस्टर जेरीन (प्रधानाचार्य, सेंट मैरी एकेडमी)

सहारनपुर। महानगर की प्रमुख शिक्षण संस्था सैंटमैरी एकेडमी में उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा विभाग के तत्वावधान मे आयोजित अग्नि से बचाव जनजागरूकता कार्यशाला में स्कूली बच्चों को आग लगने की आपातकालीन स्थिति में बचाव के उपाय बताये गये।

*स्थानीय मिशन कंपाउण्ड स्थित सैंटमैरी एकेडमी में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह, प्रोग्रेसिव स्कूल सोसायटी के संयोजक व वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र चौहान, एफएसओ ऋषभ पंवार व प्रधानाचार्य सिस्टर जैरीन ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।*

*कार्यशाला को संबोधित करते हुए *मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह* ने आग लगने से कैसे बचाव किया जाये, इसके बारे में विस्तार से बताते हुए छात्र-छात्राओं को बचाव के वैज्ञानिक तरीके समझाते हुए कहा कि आग लगने पर आसपास के आग पकड़ने वाली वस्तुओं को अलग करें। साथ ही तापमान को कम करने के लिए पानी व बालू का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि आग से निकलने वाला धुंआ भी जान लेवा होता है तथा दम घुटने से कई बार लोग मृत्यु का शिकार भी बनते है। उन्होंने बताया कि हमारे फेफड़ों में यदि सीधे धुंआ जाता है, तो अधिकतम उसे हम तीन मिनट का सहन कर सकते है। ऐसे में नाक व मुंह पर रूमाल रख लें, ताकि धुंआ फिल्टर होकर हमारे अंदर जाये।

*एफएसओ ऋषभ पंवार* ने बताया कि बिजली के पुराने तार व फिटिंग में बरती गयी लापरवाही से होने वाली स्पार्किंग भी शहरी क्षेत्रों में आग लगने का मुख्य कारण है। कभी एक स्विच पर ओवरलोड न रखे। क्षमता से अधिक दबाव पड़ने पर सर्किट स्पार्क करता है, जो लगने का मुख्य कारण बनता है। श्री पंवार ने बताया कि किसी बड़े मॉल, हॉस्पीटल व विद्यालयों में जाते समय बाहर जाने वाले रास्तों की जांच कर लें, ताकि आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकल सकें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में खास तौर पर यह ध्यान रखना चाहिए कि नियमित रूप से बच्चों को अलग-अलग सीढ़ियों से नीचे उतारें, ताकि आपात काल में भी बच्चे उन रास्तों का प्रयोग कर सकें । उन्होंने कहा कि आग लगने पर उत्तेजित या पैनिक न हो, बल्कि आग पर काबू पाने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि एलपीजी गैस सिलेण्डर में यदि गैस लीकेज होती है, तो ऐसे में कोई भी माचिस आदि न जलायें।

*प्रोग्रेसिव स्कूल सोसायटी के संयोजक सुरेन्द्र चौहान* ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को जीवन रक्षक उपायो की जानकारी भी देनी चाहिए, ताकि आपातकाल के समय छात्र-छात्राएं इस जानकारी का लाभ उठाकर अपनी व दूसरो की भी जान बचा सकें। उन्होंने विद्यालयों में समय-समय पर इस तरह की कार्यशाला आयोजित किए जाने का आह्वान किया।

*सैंटमैरी एकेडमी की प्रधानाचार्य सिस्टर जेरीन* ने सभी अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि इस कार्यशाला से बच्चों को बेहद उपयोगी जानकारी मिली हैं भविष्य में भी इस तरह की कार्यशाला का आयोजन कराया जायेगा। उन्होंने अग्निशमन विभाग के सहयोग से सभी स्कूलों को जीवन रक्षक उपायो के बारे में बच्चों को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यशाला में एलपीजी गैस सिलेण्डर में आग लगने पर बच्चों को उसे बुझाने के कई तरीके समझाये गये तथा आग बुझाने का शिक्षकों व बच्चों को भी अभ्यास कराया गया। इस दौरान अग्निशमन वाहन द्वारा सायरन बजाकर आग बुझाने का डैमो भी किया गया। *कार्यशाला का संचालन अनुज शर्मा* ने किया।

ब्यूरों रिपोर्टः मोनू कुमार/कुमार योगेश (सहारनपुर)

👆 न्याय परिक्रमा यूट्यूब चैनल पर देखिये पूरा वीडियो।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *